तंत्र-सूत्र—विधि-01 (ओशो)

शिव कहते है: हे देवी, यह अनुभव दो श्‍वासों के बीच घटित हो सकता है। श्‍वास के भीतर आने के पश्‍चात और बाहर लौटने के ठीक पूर्व– श्रेयस् है, कल्‍याण है। आरंभ की नौ विधियां श्‍वास-क्रिया से संबंध रखती है। इसलिए पहले हम श्‍वास-क्रिया के संबंध में थोड़ा समझ लें और विधियों में प्रवेश करेंगे। … Read more तंत्र-सूत्र—विधि-01 (ओशो)