तंत्र-सूत्र—विधि-18 (ओशो)

केंद्रित होने की छटवीं विधि: किसी विषय को प्रेमपूर्वक देखो; दूसरे विषय पर मत जाओ। यहीं विषय के मध्‍य में—आनंद। मैं फिर दोहराता हूं: ‘’किसी विषय को प्रेमपूर्वक देखो, दूसरे विषय पर मत जाओ, किसी दूसरे विषय पर ध्‍यान मत ले जाओ, यही विषय के माध्‍य में—आनंद। ‘’किसी विषय को प्रेम पूर्ण देखो……..।‘’ प्रेमपूर्वक में … Read more तंत्र-सूत्र—विधि-18 (ओशो)