तंत्र सूत्र—विधि -68 (ओशो)

जैसे मुर्गी अपने बच्‍चों का पालन-पोषण करती है, वैसे ही यथार्थ में विशेष ज्ञान और विशेष कृत्‍य का पालन-पोषण करो। इस विधि में मूलभूत बात है: ‘यथार्थ में।’ तुम भी बहुत चीजों का पालन पोषण करते हो; लेकिन सपने में, सत्‍य में नहीं। तुम भी बहुत कुछ करते हो; लेकिन सपने में सत्‍य में नहीं। … Read more तंत्र सूत्र—विधि -68 (ओशो)