तंत्र सूत्र—विधि -69 (ओशो)

‘यथार्थत: बंधन और मोक्ष सापेक्ष है; ये केवल विश्‍व से भयभीत लोगों के लिए है। यह विश्‍व मन का प्रतिबिंब है। जैसे तुम पानी में एक सूर्य के अनेक सूर्य देखते हो, वैसे ही बंधन और मोक्ष को देखो।’ यह बहुत गहरी विधि है; यह गहरी से गहरी विधियों में से एक है। और विरले … Read more तंत्र सूत्र—विधि -69 (ओशो)