तंत्र सूत्र—विधि -71 (ओशो)

‘या बीच के रिक्‍त स्‍थानों में यह बिजली कौंधने जैसा है—ऐसा भाव करो। थोड़े से फर्क के साथ यह विधि भी पहली विधि जैसी ही है। या बीच के रिक्‍त स्‍थानों में यह बिजली कौंधने जैसा है—ऐसा भाव करो।’ एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक ताकी हुई प्रकाश-किरणों में बिजली के कौंधने का अनुभव करो—प्रकाश … Read more तंत्र सूत्र—विधि -71 (ओशो)

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