तंत्र सूत्र—विधि -75 (ओशो)

‘जागते हुए सोते हुए, स्‍वप्‍न देखते हुए, अपने को प्रकाश समझो।’ पहले जागरण से शुरू करो। योग ओर तंत्र मनुष्‍य के मन के जीवन को तीन भागों में बाँटता है—स्‍मरण रहे, मन के जीवन को। वे मन को तीन भोगों में बांटते है: जाग्रत,सुषुप्‍ति और स्‍वप्‍न। ये तुम्‍हारी चेतना के नहीं, तुम्‍हारे में के भाग … Read more तंत्र सूत्र—विधि -75 (ओशो)