तंत्र सूत्र—विधि -82 (ओशो)

अनुभव करो: मेरा विचार,मैं-पन, आंतरिक इंद्रियाँ—मुझ यह बहुत ही सरल विधि है और अति सुंदर भी। पहली बात यह है कि विचार नहीं करना है, अनुभव करना है। विचार करना और अनुभव करना दो भिन्‍न-भिन्‍न आयाम है। और हम बुद्धि से इतनी ग्रस्‍त हो गए है कि जब हम यह भी कहते है कि हम … Read more तंत्र सूत्र—विधि -82 (ओशो)