संभोग से समाधि की ओर—03 (ओशो)

संभोग : परमात्‍मा की सृजन उर्जा—3 रामानुज एक गांव से गुजर रहे थे। एक आदमी ने आकर कहा कि मुझे परमात्‍मा को पाना है। तो उन्‍होंने कहां कि तूने कभी किसी से प्रेम किया है? उस आदमी ने कहा की इस झंझट में कभी पडा ही नहीं। प्रेम वगैरह की झंझट में नहीं पडा। मुझे … Read more संभोग से समाधि की ओर—03 (ओशो)