संभोग से समाधि की ओर—16 (ओशो)

समाधि : अहं-शून्‍यता समय शून्‍यता का अनुभव—4 और अब तो हम उस जगह पहुंच गये है कि शायद और पतन की गुंजाइश नहीं है। करीब-करीब सारी दुनिया एक मेड हाऊस एक पागलखाना हो गयी है। अमरीका के मनोवैज्ञानिकों ने हिसाब लगया है न्‍यूयार्क जैसे नगर में केवल 18 प्रतिशत लोग मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ कहे … Read more संभोग से समाधि की ओर—16 (ओशो)

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