संभोग से समाधि की ओर—46 (ओशो)

संभोग से समाधि की और–ओशो (अठहरवां-प्रवचन) न भोग, न दमन—वरण जागरण—अठहरवां प्रवचन मेरे प्रिय आत्‍मन, तीन सूत्रों पर हमने बात की है। जीवन क्रांति की दिशा में पहला सूत्र था- ‘सिद्धांतों से, शास्त्रों से मुक्ति।’ जो व्यक्ति किसी भी तरह के मानसिक कारागृह में बंद है, वह जीवन ‘ की सत्य की, खोज नहीं कर … Read more संभोग से समाधि की ओर—46 (ओशो)